धार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ‘’पोषण भी पढ़ाई भी’’ के ओरिएंटेशन प्रशिक्षण गुरूवार को सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण में बताया गया कि भारत सरकार द्वारा 0 से 3 वर्ष के बच्चों को प्रारम्भिक बाल्यावस्था उद्दीपन एवं 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा के सुदृढीकरण हेतु ‘’पोषण भी पढ़ाई भी (PBPB)’’ कार्यक्रम का शुभारम्भ 10 मई 2023 को किया गया था। ‘’पोषण भी पढ़ाई भी’’ कार्यक्रम सक्षम आंगनवाड़ी एवं मिशन पोषण 2.0 के तहत् एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। कार्यक्रम अन्तर्गत क्षमता संवर्धन के माध्यम से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में ईसीसीई पाठ्यक्रम और शैक्षणिक दृष्टिकोण की बुनियादी समझ विकसित करने के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को विकास के आयाम (शारीरिक और मोटर, संज्ञानात्मक, सामाजिक, भावनात्मक, नैतिक, सांस्कृतिक एवं कलात्मक और बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता) के मूल्यांकन में क्षमता वृद्धि कर सक्षम बनाना ।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी सुभाष जैन ने बताया कि भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए ‘’ईसीसीई हेतु नेशनल करिकुलम 2024‘’ (आधारशिला) एवं 0 से 3 वर्ष के बच्चों के लिए ‘’प्रारम्भिक बाल्यावस्था़ उद्दीपन के लिए नेशनल फ्रेमवर्क’’ (नवचेतना) तैयार किये गये हैं। ‘’पोषण भी पढ़ाई भी’’ अन्तर्गत आधारशिला एवं नवचेतना को आंगनवाड़ी केन्द्रों में क्रियान्वित करने के संबंध में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जायेगा । उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण 24 मार्च से 29 मार्च के बीच 100-100 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की बैच बनाकर परियोजना मुख्या्लय पर दिया जायेगा । प्रशिक्षण कार्य हेतु निपसिड संस्थान, इन्दौर द्वारा परियोजना अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों को ऑफलाईन एवं ऑनलाईन प्रशिक्षण दिये जा चुके हैं । प्रशिक्षण दक्षता हेतु पुनः आज जिले की परियोजनाओं में पदस्थ पर्यवेक्षकों एवं परियोजना अधिकारियों के लिए ओरिएंटेशन प्रशिक्षण किया गया है । यह प्रशिक्षण दो भागों में जिला पंचायत में 8 परियोजनाओं का तथा मनावर में 8 परियोजना में पदस्थ विभागीय अमले को दिया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दिये जाने वाले प्रशिक्षण की गुणवत्ता राज्य स्तर, संभाग स्तर तथा जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा भी देखी जायेगी । कार्यक्रम में सहायक संचालक भारती डांगी एवं प्रवीण कुमार सिटोले उपस्थित रहे ।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी सुभाष जैन ने बताया कि भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए ‘’ईसीसीई हेतु नेशनल करिकुलम 2024‘’ (आधारशिला) एवं 0 से 3 वर्ष के बच्चों के लिए ‘’प्रारम्भिक बाल्यावस्था़ उद्दीपन के लिए नेशनल फ्रेमवर्क’’ (नवचेतना) तैयार किये गये हैं। ‘’पोषण भी पढ़ाई भी’’ अन्तर्गत आधारशिला एवं नवचेतना को आंगनवाड़ी केन्द्रों में क्रियान्वित करने के संबंध में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जायेगा । उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण 24 मार्च से 29 मार्च के बीच 100-100 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की बैच बनाकर परियोजना मुख्या्लय पर दिया जायेगा । प्रशिक्षण कार्य हेतु निपसिड संस्थान, इन्दौर द्वारा परियोजना अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों को ऑफलाईन एवं ऑनलाईन प्रशिक्षण दिये जा चुके हैं । प्रशिक्षण दक्षता हेतु पुनः आज जिले की परियोजनाओं में पदस्थ पर्यवेक्षकों एवं परियोजना अधिकारियों के लिए ओरिएंटेशन प्रशिक्षण किया गया है । यह प्रशिक्षण दो भागों में जिला पंचायत में 8 परियोजनाओं का तथा मनावर में 8 परियोजना में पदस्थ विभागीय अमले को दिया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दिये जाने वाले प्रशिक्षण की गुणवत्ता राज्य स्तर, संभाग स्तर तथा जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा भी देखी जायेगी । कार्यक्रम में सहायक संचालक भारती डांगी एवं प्रवीण कुमार सिटोले उपस्थित रहे ।