देश की आजादी के बाद भी बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित आदिवासी समाज
जयस के नेतृत्व में 100 से अधिक शोषित आदिवासी समाजजनों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना देकर राष्ट्रपति के नाम सोपे ज्ञापन
जल्द ही बिजली व्यवस्था नहीं कराई मूहैया तो उग्र आंदोलन करने की दी चेतावनी
मंगलवार को जयस के जिला अध्यक्ष सुनील डामर के नेतृत्व में 100 से अधिक आदिवासी महिला, बच्चे और पुरुष एसडीएम कार्यालय सरदारपुर पहुंचे और "हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते" जैसे गगन बड़ी नारों के साथ एसडीएम कार्यालय के सामने धरना दे दिया। लगभग 15-20 मिनट तक धरना देने के बाद तहसीलदार मुकेश बामनिया मौके पर पहुंचे जहां जिला अध्यक्ष सुनील डावर ने ज्ञापन का वचन कर महामहिम राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार श्री बामनिया को ज्ञापन सोपा।
जयस के बैनरतले सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि देश की आजादी के बाद से ही सरदारपुर तहसील के ग्राम पंचायत कचनारिया के मजरे राजघाटा में विद्युत प्रदाय जैसी मूलभूत सुविधाएं से आदिवासी समाज के लोगों को औछी राजनीति के चलते वंचित रखा गया है जिसके कारण हम आदिवासी लोगों के बच्चे ना तो पढ़ाई कर पाते हैं
और ना ही आधुनिकता से जुड़े रहने के लिए समाचार और सामान्य ज्ञान के कार्यक्रमों के प्रसारणों को देख पाते हैं साथ ही साथ हम आदिवासी लोग ग्रामीण क्षेत्रों में जंगल से सटे इलाकों के कारण जंगली जीव जंतु से सदैव भयभीत रहते हैं रात के अंधेरे में जहरीले जानवरों के कारण हमें जान का खतरा बना रहता है तथा हम आदिवासियों के साथ देश की आजादी के बाद से अर्थात पिछले 70 वर्षों से तमाम सरकारों द्वारा भेदभाव पूर्ण व्यवहार किया जा रहा है हमारा धार जिला आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है जिसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा बड़ी रकम खर्च करके आदिवासी समाज के विकास के लिए योजनाएं तैयार की जाती है लेकिन निचले स्तर कि राजनीति, भ्रष्ट अधिकारियों और दलालों के कारण सरकार की ये योजनाएं हम आदिवासी समाजजनों तक पहुंचाने के पहले ही या तो दम तोड़ देती हैं या भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती है।
इससे हम आदिवासी समाज के बच्चे देश की आजादी के बाद से ही विकसित नहीं हो पाए हैं और आगे भी जल्द ही हम आदिवासी समाज के गांव राजघाटा में विद्युत व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं हो पाई तो भी हमारे बच्चे विकसित नहीं हो पाएंगे। हमारे समाज में कम पढ़े लिखे होने से हम अपने हक अधिकार की आवाज उठाने में असमर्थ हैं इसलिए आज जयस संगठन के साथ आकर जयस संगठन के माध्यम से हमारी आवाज को उठा रहे हैं जल्द ही विद्युत व्यवस्था न मिलने पर हम सभी ग्रामवासी जयस संगठन के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे जिसकी संपूर्ण जवाबदेही शासन प्रशासन में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों की रहेगी ।
इस दौरान जयस तहसील अध्यक्ष विदेश गणावा, उपाध्यक्ष सीताराम मेड़ा, मीडिया प्रभारी आशीष सिंगार, कमलेश डावर, दीपक जमनिया, अर्जुन खराड़ी, राहुल डामर, मायाराम डामर, जगदीश डामर आदि उपस्थित रहे।